दिलीप अश्क स्मृति सम्मान 2011
यह सम्मान हिन्दी के दलित कवि श्री दिलीप अश्क की स्मृति में शुरू किया जा रहा है। श्री दिलिप अश्क उन दिनों से कविता कर रहे थे जब दलित साहित्य अस्तित्व में भी नहीं आया था। हिन्दी के अनेक मूर्धन्य कवियों के साथ कविता पाठ कर चुके और उनके समकालीन रहे कवि दिलीप अश्क हिन्दी की मुख्य धारा में तो उपेक्षित रहे ही साथ ही दलित साहित्य आंदोलन भी उन्हें लगभग भुलाये हुए ही है। हिन्दी के युवा कवि मुकेश मानस के अथक प्रयासों से उनकी कविताओं का एक संग्रह “सच खड़ा है सामने” 2000 में प्रकाशित हो चुका है। उनके एक और संग्रह “मैंने झूठ नहीं बोला” को आरोही द्वारा प्रकाशित किए जाने की योजना है।
· यह सम्मान प्रति वर्ष दिसम्बर माह में दिया जायेगा।
· इस सम्मान के स्वरूप 11,000 रुपये की सम्मान राशि और सम्मान पत्र दिया जायेगा।
· यह सम्मान किसी भी दलित, ग़ैर-दलित और किसी भी राज्य के हिन्दी में कविता लिखने वाले युवा कवि को उसके पहले कविता संग्रह या उसकी किसी विशिष्ट कविता के लिए दिया जाएगा।
· कवि की उम्र 40 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। विशिष्ट परिस्थितियों में आरोही और संज्ञान के सदस्यों द्वारा उम्र सीमा बढ़ाई जा सकती है।
· इस सम्मान के लिए कवि का चयन हिन्दी के दो विशिष्ट कवियों और दो आरोही और संज्ञान(प्रत्येक से एक) सदस्यों के द्वारा किया जायेगा।
आरोही : ए-2/128, सेक्टर-11, रोहिणी, दिल्ली-110089
फोन : 09013202028, ईमेल : aarohibooks@gmail.com
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